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Bharat Jodo Yatra 2 : Gujrat से UP तक Rahul Gandhi-Priyanka भरेंगे चुनावी हुंकार

Bharat Jodo Yatra 2: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित ,,केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ,,और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ,,पिछले लगभग 10 महीनों में जयपुर, भरतपुर, बीकानेर, भीलवाड़ा, अजमेर, जोधपुर, बांसवाड़ा, सीकर, हनुमानगढ़, ,,दौसा की यात्रा कर चुके हैं। हर बार उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार पर,, जबरदस्त राजनीतिक हमले किए हैं। ,,और अब राहुल गांधी ,,भी राजस्थान में उन राजनीतिक (Gujrat) हमलों का जवाब देगे ,,चुनावी माहौल को देखते हुए,, राहुल गांधी आदिवासी वोटर्स को,, साधने का प्रयास करेंगे।

सिंतबर में शुरु हुई थी भारत जोड़ो यात्रा

कांग्रेस को (Rahul Gandhi) हिमाचल प्रदेश और ,,,कर्नाटक चुनाव जीतने के बाद संजीवनी मिल चुकी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ,,,भारत जोड़ो यात्रा का दूसरा पार्ट,, (UP) जल्द ही शुरू करेंगे। खास बात यह है कि इस बार भी ,,,यात्रा राजस्थान से होकर,, निकलेगी। यात्रा का रूट दक्षिण जिलों से,, निकालने की तैयारियां चल रही हैं।,,,उनका यह दौरा राजस्थान की ,,,10 लोकसभा और 60 के करीब विधानसभा क्षेत्रों पर,,, फोकस करते हुए फाइनल किया जाएगा।,,

यूपी में सियासी जमीन तलाशेगी कांग्रेस

यात्रा 15 अगस्त या 2 अक्टूबर से ,,शुरू होने की संभावना है। पूरी यात्रा का रूट करीब 3,400 से 3,600 किलोमीटर लंबा होगा। राजस्थान में यह ,,कम से कम तीन से चार जिलों के करीब 300 किलोमीटर,, का एरिया कवर करेगी।,,,,कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ,,सूत्रों को ,,बताया कि ,,यात्रा के फाइनल रूट पर जल्द ही ,,,AICC के स्तर पर ,,,दिल्ली से यात्रा का पूरा ब्यौरा,,,, जारी किया जाएगा। भारत जोड़ो यात्रा की तैयारियों को ,,राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अंतिम रूप दे रहे हैं।,,, तिथि कौन सी होगी,,,,, इस पर अंतिम निर्णय भी खड़गे ही करेंगे।,,,

अहमदाबाद के बाद क्या रूट होगा

यात्रा गुजरात के पोरबंदर से शुरू होकर,, अहमदाबाद पहुंचेगी। अहमदाबाद के बाद क्या रूट होगा ,,इसकी तीन संभावनाओं पर विचार चल रहा है। ,,यात्रा को वहां से ,,,,राजस्थान और फिर मध्यप्रदेश में,,, किस तरह से प्रवेश करवाया जाए। ,,पिछली बार दक्षिण से उत्तर (केरल से कश्मीर) की यात्रा में भी ,,,राजस्थान शामिल था। तब यह यात्रा झालावाड़ ,,से प्रवेश कर अलवर के रास्ते ,,,हरियाणा में चली गई थी।

राजस्थान में कौन से इलाकों से गुजरेगी यात्रा

इस बार राजस्थान के दक्षिणी जिलों को रूट मैप में शामिल किया जा सकता है। ,,इनमें दक्षिण राजस्थान के सिरोही, ,,उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, झालावाड़, बारां आदि को ,,,शामिल किए जाने की ज्यादा संभावना है। जानकारी के मुताबिक तीन संभावित रूट बनाए गए हैं,,, ये क्या होंगे, आइए जानते हैं।,,

पहला संभावित रूट

अहमदाबाद के बाद यात्रा उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, झालावाड़ होते हुए मध्यप्रदेश में प्रवेश करेगी और फिर छत्तीसगढ़ जाएगी। इन तीनों राज्यों में विधानसभा के चुनाव दिसंबर में संभावित हैं। छत्तीसगढ़ से यात्रा पूर्वी उत्तरप्रदेश, बिहार, बंगाल, असम होते हुए ,,,अरुणाचल प्रदेश तक जाएगी।

दूसरा संभावित रूट

इस में यात्रा अहमदाबाद से गोधरा, दाहोद के रास्ते से ,,राजस्थान में एंटर होगी और बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ होते हुए ,,,मध्यप्रदेश में नीमच-मंदसौर,, के माध्यम से प्रवेश करेगी। फिर मध्यप्रदेश इन्दौर या भोपाल में से,, किसी एक शहर को छूकर छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ेगी। छत्तीसगढ़ से यात्रा पूर्वी उत्तरप्रदेश, बिहार, बंगाल, असम होते हुए अरुणाचल प्रदेश तक जाएगी।

तीसरा संभावित रूट

पोरबंदर से सीधे माउंट आबू (सिरोही) जिले में प्रवेश कर उदयपुर, डूंगरपुर व बांसवाड़ा के इलाकों से होते हुए ,,रतलाम (मध्यप्रदेश) में यात्रा प्रवेश कर सकती है।,,राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की मानें तो,, इस बार यात्रा छोटी होगी। इसलिए तीनों में से जिस भी सबसे छोटे रूट के माध्यम से,, राजस्थान को शामिल करना संभव होगा,,, वो अपनाया जाएगा।

आदिवासियों के माध्यम से राजस्थान को छूना चाहते हैं राहुल

राहुल गांधी ने अपनी पिछली यात्रा में भी ,,,आदिवासियों और पिछड़ों की समस्याओं और ,,,राजनीतिक आकांक्षाओं पर बहुत बात की थी। ,,वे अक्सर कहते थे कि आदिवासियों को भाजपा वनवासी (वन में रहने वाले) कहती है,,, जबकि वे उस स्थान के मूल निवासी (आदिकाल से रहने वाले) होते हैं।,,, ऐसे में राहुल गांधी राजस्थान के आदिवासी ,,,बहुल इलाकों जैसे सिरोही, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, बारां आदि को छूना चाहते हैं,,,, ताकि वे राजस्थान की राजनीति पर अपनी बात भी कह सकें ,,,,और आदिवासियों के प्रति अ,,पनी राजनीतिक प्रतिबद्धता भी दोहरा सकें।

फोकस- 10 लोकसभा और करीब 60 विधानसभा

राजस्थान में उदयपुर, जयपुर ग्रामीण, दौसा, अलवर, टोंक-सवाईमाधोपुर, बांसवाड़ा-डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़-प्रतापगढ़, कोटा-बूंदी, धौलपुर-करौली, जालोर-सिरोही जैसे 10 ,,,,लोकसभा क्षेत्रों में आदिवासी पहले, दूसरे या तीसरे नंबर के सबसे बड़े मतदाता हैं। ऐसे ही करीब 60 विधानसभा सीटों पर भी,, आदिवासी प्रभावशाली हैं। ऐसे में राहुल गांधी ,,,इन सीटों को इस यात्रा के जरिए सीधे प्रभावित कर सकते हैं।

यात्रा शुरू होने के बाद राजस्थान पहुंचने में करीब 25-30 दिन लगेंगे

राजस्थान में कांग्रेस 2014 और 2019 में इन सीटों सहित सभी 25 लोकसभा सीटें हार चुकी हैं। ऐसा राजस्थान के राजनीतिक इतिहास में पहली बार हुआ था। ,,अब राहुल गांधी चाहते हैं कि राजस्थान में ,,,,,2024 की यह तस्वीर बदल जाए।,,,,राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान,,, अवकाश सहित रोजाना करीब 23-25 किलोमीटर तक ,,,,,पैदल चलने का रूटीन रहता है। ऐसे में पोरबंदर से करीब 600 किलोमीटर दूर ,,,राजस्थान का बॉर्डर है। यात्रा जब भी शुरू होगी तो ,,,उसके बाद राजस्थान पहुंचने में करीब 25 से 30 दिनों का समय लगेगा। ,,अगर राहुल गांधी 15 अगस्त से यात्रा शुरू करते हैं,,, तो संभावना है कि वे 10 अक्टूबर के आस-पास ,,,,राजस्थान में प्रवेश कर जाएंगे

राजस्थान में कितनी लंबी होगी राहुल गांधी की यात्रा?

राजस्थान में यह यात्रा जिस भी रूट से शुरू होगी ,,तो करीब 300 किलोमीटर का सफर तय करेगी। ,,इन 275-325 किलोमीटर को पूरा होने में लगभग ,,15-18 दिन लगेंगे। सबसे छोटा रूट मैप बांसवाड़ा से ,,,प्रतापगढ़ वाला हो सकता है,,, जो करीब 10 दिनों में पूरा हो सकता है। ,,पिछली यात्रा में राहुल गांधी ने राजस्थान में कुल,, 520 किमी पैदल चलकर ,,6 जिलों को कवर किया था। ,,,इस यात्रा में कुल 18 दिन लगे थे।

राजस्थान के किन नेताओं के पास रहेगी यात्रा की जिम्मेदारी?

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित,, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ,,और पूर्व डिप्टी CM सचिन पायलट को,,, इस यात्रा की प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ,,पिछली बार भी इन नेताओं की प्रमुख भूमिका रही थी। ,,चूंकि यात्रा में आदिवासी जिले भी कवर होंगे, ऐसे में मंत्री महेन्द्रजीत सिंह सहि,,त मौजूदा कैबिनेट के कई चेहरे ,,,भी यात्रा में शामिल रहेंगे।

यात्रा की शुरुआत करने के लिए 15 अगस्त और 2 अक्टूबर की ,,,तिथियों पर विचार किया जा रहा है। दोनों ही डेट का अपना विशेष प्रतीकात्मक संदेश है।,, एक दिन देश का स्वतंत्रता दिवस है ,,तो दूसरा दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्म तिथि।,,, लेकिन यात्रा का रूट 3,000 किलोमीटर से,, ज्यादा लंबी है और उधर दिसंबर के पहले सप्ताह तक रूट में कवर होने वाले ,,,,तीन राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रस्तावित हैं।,,,

ऐसे में सभी बड़े नेता भूपेश बघेल, दिग्विजय सिंह और राजस्थान में CM अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा, सचिन पायलट आदि भी ,,चुनावी गतिविधियों में व्यस्त होंगे। इसलिए ज्यादा संभावना इसी बात की है,, कि यात्रा 2 अक्टूबर से पहले ही शुरू हो जाए।,,,आपकी इस पर क्या राई है कमेन्ट कर जरूर बताएँ

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