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Bihar Politics: लालू यादव के दांव से टेंशन में BJP, 12 Feb को गिर जाएगी नितिश सरकार!

Bihar Politics: दोस्तों बिहार में अब तक नीतीश बनाम तेजस्वी यादव ही चल रहा था और अब इस सियासी मैदान में लालू यादव ने एंट्री कर ली है लालू ने बिहार की राजनीति में अपना दाव चलना शुरू कर दिया है जिसके बाद से बिहार की राजनीति में गर्माहट का माहोल है अब नीतीश बाबू क्या करेंगे नीतीश कुमार के पास लालू की इस चाल का कोई जवाब नहीं है

बिहार में नीतीश कुमार अब एनडीए (BJP) के सीएम हैं। उन्हें बीजेपी जीतन राम मांझी की पार्टी हम और एक निर्दलीय का समर्थन हासिल है। एनडीए सरकार के पास बहुमत के लिए पर्याप्त विधायक होने के बावजूद भी नीतीश कुमार की टेंशन कम होने का नाम नहीं ले रही आखिर क्यों क्योंकि तेजस्वी और लालू यादव का खेला करना अभी बाकी है

विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के इस्तीफे के इनकार ने बिहार में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। स्पीकर अवध बिहारी चौधरी ने साफ किया है कि बजट सत्र शुरू होने से पहले स्पीकर के पद से इस्तीफा नहीं देंगे। बता दे की 12 फरवरी को ही नीतीश कुमार को फ्लोर टेस्ट पास करना है। हालांकि फ्लोर टेस्ट के दौरान अवध बिहारी चौधरी को वोटिंग कराने की इजाजत नहीं होगी क्योंकि उनके खिलाफ भी एनडीए ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है।

स्पीकर अवध बिहारी चौधरी बनेंगे ‘तारणहार’

माना जा रहा है कि लालू यादव के इशारे पर अवध बिहारी चौधरी ने स्पीकर पद से इस्तीफा देने से इनकार किया है। तेजस्वी यादव ने भी ताल ठोंक दी है और जेडी यू में टूट की भविष्यवाणी की है। बीजेपी और जेडी यू का गठबंधन का दावा है कि उसे 128 विधायकों का समर्थन हासिल है जबकि विपक्ष के पास महज कुल 114 विधायक हैं।

अभी विधानसभा में एनडीए के पास बहुमत के आंकड़े से करीब है मगर अवध बिहारी चौधरी के फैसले के कारण नीतीश कुमार को लगातार दो बार अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। पहले तो उन्हें खुद नई सरकार के लिए विश्वास मत हासिल करना होगा। दूसरा स्पीकर को हटाने के लिए भी वोटिंग करानी होगी। अगर किसी भी स्थिति में बहुमत के लिए जरूरी 122 से कम वोट पड़े तो सरकार की किरकिरी हो जाएगी।

अभी 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में आरजेडी सबसे बड़ा दल है। राष्ट्रीय जनता दल के 79 विधायक हैं। सीपीआई,भाकपा माले के 16, कांग्रेस के 19 के समर्थन के कारण महागठबंधन के पास 114 विधायक है जो बहुमत से सिर्फ 8 कम है। एनडीए सरकार को गिराने के लिए तेजस्वी यादव को 9 विधायक तोड़ने होंगे जो संभव नहीं है। बिहार के नए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि एनडीए सरकार को 128 विधायकों का समर्थन प्राप्त है उसे कोई खतरा नहीं है। सदन में बीजेपी के 77 और जेडीयू के 45 विधायक हैं। इसके अलावा सरकार को एक निर्दलीय और हम के 4 विधायकों का भी समर्थन हासिल है।

एनडीए को बहुमत, आरजेडी को जेडीयू में टूट का भरोसा

अवध बिहारी चौधरी ने कहा है विधानसभा अध्यक्ष को अविश्वास प्रस्ताव नोटिस मिलने के 14 दिन के भीतर निर्णय करना चाहिये यह नोटिस मुझे गुरुवार को ही मिला है। नियम के मुताबिक, 12 फरवरी को मैं सदन की कार्रवाई को संचालित करूंगा। अवध बिहारी चौधरी ने इस्तीफा नहीं देने के पीछे लालू यादव की बड़ी रणनीति है। नीतीश कुमार के विश्वास प्रस्ताव के दौरान विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका अहम होगी। अगर लालू यादव का निशाना सटीक बैठा तो एनडीए के कई सदस्य वोटिंग में खेल कर सकते हैं।

व्हिप के उल्लंघन करने वाले विधायकों पर निर्णय भी विधानसभा अध्यक्ष का ही होगा। सदन में किसी सदस्य के भाषण में आपत्तिजनक बयान आते हैं तो स्पीकर ही उसे रखने या हटाने पर फैसला लेंगे। आरजेडी को उम्मीद है कि जेडी यू के कई विधायक पाला बदल सकते हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में सभी दलों से कुल 52 यादव विधायक चुने गए हैं। इनमें जेडी यू के तीन विधायक हैं। इसके अलावा आरजेडी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने वाले विधायक भी क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।

दोस्तों अगर ऐसा हुआ तो एनडीए की सरकार संकट में पड़ जाएगी। एक्सपर्ट मानते हैं कि अवध बिहारी चौधरी का अध्यक्ष पद से जाना तय है मगर आरजेडी स्पीकर के बहाने नीतीश कुमार पर एक और हमले का मौका नहीं चुकाना चाहती है। इस संकट से निपटने के लिए बीजेपी-जेडी यू ने फूलप्रूफ प्लानिंग की है। 12 फरवरी को राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर के भाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत होगी। नीतीश कुमार के विश्वास मत से पहले ही सत्ता पक्ष विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ दिए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करेगा। उस दौरान सदन का संचालन उप सभापति महेश्वर हजारी करेंगे।

बता दे की महेश्वर हजारी जेडी यू के टिकट पर विधायक चुने गए थे। विधानसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया जाएगा। विधायकों को अपनी सीट पर खड़े होकर प्रस्ताव का समर्थन करना होगा। अगर कोई विधायक क्रॉस वोटिंग करेगा तो उसे वेल को क्रॉस करना पड़ेगा। इस दौरान अवध बिहारी चौधरी स्पीकर के आसन पर मौजूद नहीं रहेंगे। दोस्तों आपको क्या लगता है 12 तारीख को बिहार में खेला होगा या नहीं अपनी राय कमेन्ट कर जरूर बताएँ

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