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Delhi MCD Mayor Elections: क्या Delhi Mayor चुनाव मे BJP आप के साथ chandigarh mayor चुनाव वाला दांव खेलेगी ?

Delhi MCD Mayor Elections: लोकसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच देश की राजधानी दिल्ली में 26 अप्रैल को दिल्ली नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव होने है (Delhi Mayor) आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है दोस्तों दिल्ली नगर निगम में 250 में से आम आदमी पार्टी के 134 पार्षद हैंऔर साथ मे कॉंग्रेस भी आप के समर्थन मे है जिसकी वजह से आप के प्रत्याशी की जीत पक्की मानी (chandigarh mayor) जा रही है वही भारतीय जनता पार्टी के नगर निगम में 104 पार्षद हैं। पार्षदों की संख्या कम होने के बावजूद भी बीजेपी चुनाव लड़ेगी आखिर क्यों ?? क्या mcd चुनाव में भी कोई खेला करने जा रही है (BJP ) भाजपा ??? क्या नगर निगम चुनाव मे दलबदल की राजनीति करने जा रही है भाजपा क्या चंडीगढ़ mayor चुनाव की तरह दिल्ली mayor चुनाव लड़ेगी भाजपा

AAP और BJP के उम्मीदवारों की घोषणा

आम आदमी पार्टी ने  मेयर पद के लिए महेश कुमार खींची को उम्मीदवार बनाया है. महेश कुमार खींची देव नगर के वार्ड 84 से पार्षद हैं. देव नगर करोल बाग विधानसभा क्षेत्र में आता है. उन्होंने दिल्ली के मोतीलाल नेहरू कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई की है. वे अपने वार्ड में काफी एक्टिव दिखाई देते हैं. नई दिल्ली लोकसभा सीट से इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार सोमनाथ भारती के समर्थन में लोगों से लगातार वोट की अपील करते हुए भी कई वार्डों में नजर आ रहे हैं.अब देखना ये होगा की महेश कुमार खिची निगम mayor चुनाव खिच पाते है या नहीं वहीं आप ने डिप्टी मेयर पद के लिए रविंद्र भारद्वाज के नाम की घोषणा की है भारद्वाज अमन विहार (41) से पार्षद हैं.

और बीजेपी ने मेयर उम्मीदवार के रूप में किशन लाल को उतारा है.  किशन लाल का मुकाबला आम आदमी पार्टी के मेयर उम्मीदवार महेश कुमार खींची से होगा. किशन लाल वार्ड 62 (शकूरपुर) से पार्षद हैं. वहीं बीजेपी ने डिप्टी मेयर के लिए नीता बिष्ट को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. नीता बिष्ट वार्ड  247 (सादतपुर) से पार्षद हैं.

मेयर का पद 3 साल के लिए अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. अनुसूचित जाति से जीतकर आया पार्षद ही इस पद पर चुनाव लड़ सकता है.मौजूदा मेयर डॉ. शैली ऑबेरॉय और डिप्टी मेयर आले मोहम्मद इकबाल का कार्यकाल खत्म हो चुका है. एमसीडी के नियम के हिसाब से हर साल मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होता है जबकि एमसीडी का कार्यकाल 5 साल के लिए होता है.गौरतलब है कि एमसीडी में आम आदमी पार्टी का बहुमत है. मेयर डिप्टी मेयर के चुनाव में 250 निर्वाचित पार्षद 7 लोकसभा सांसद 3 राज्यसभा सदस्य और 14 विधायक वोट करते हैं. बता दें कि इस समय एमसीडी में आप के पास आम आदमी पार्टी 134 पार्षद हैं. इसके अलावा 1 निर्दलीय 3 राज्यसभा सांसद और 13 विधायकों को भी वोटिंग का अधिकार है. वहीं बीजेपी के पास 104 पार्षद निर्दलीय 1 सांसद  7 विधायक  1 और मनोनीत सदस्य 10 हैं. नगर निगम में कांग्रेस के पास 9 पार्षद हैं.इस आंकड़ों के मुताबिक मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में आप की जीत तय मानी जा रही है.

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले दिल्ली नगर निगम मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव बहुत अहम् है। बीजेपी और आम आदमी पार्टी दोनों इसे गंभीरता से ले रही है। बीजेपी और आम आदमी पार्टी दोनों की  नजर तो एक दूसरे पर है ही साथ ही इन दोनों पार्टियों की नजर कांग्रेस ने 9 पार्षदों पर भी है। हालांकि मौजूदा माहौल में आम आदमी पार्टी के जीत तय मानी जा रही है। इसके अलावा मेयर चुनाव में दिल्ली के 7 सांसद और 3 राज्यसभा सांसद भी वोट करेंगे।

बहरहाल 26 अप्रैल को क्या सिविक सेंटर में सदन में चुनाव होगा या नहीं  चर्चा इस पर भी बनी हुयी है। दिल्ली नगर निगम मेयर चुनाव टाले जा सकते है इस संभावनाओं को व्यक्त करने वाले भी कम नहीं है। बीजेपी बेशक चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने जा रही है लेकिन चुनाव तभी होगा जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल फाइल को पास कर एलजी के यहाँ भेजेंगे। एलजी ही उसके बाद वरिष्ठ पार्षदों में से किसी एक को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करेंगे।

क्या mcd चुनाव में ऑपरेशन लोटस होगा ?

बीजेपी जानती है कि इस चुनाव में उसकी जीत आसान नहीं है। क्योंकि बीजेपी के पास बहुमत से  करीब 30 पार्षद कम है। इतने पार्षदों को मैनेज करना लगभग असंभव है। वैसे भी आम आदमी पार्टी ऑपरेशन लोटस के आरोप बीजेपी पर लगाती  रही है  ऐसे में बीजेपी इस वर्ष शायद मेयर चुनाव को गंभीरता से ना ले। इन संभावनाओं के बावजूद बीजेपी मेयर चुनाव के लिए ताल ठोक रही है। बीजेपी के एक बड़े नेता ने  दावा  किया कि आम आदमी पार्टी के कई पार्षद उनके सम्पर्क में है। ऐसे में दोनों पार्टियों ने न केवल अपने पार्षदों पर नजर बनाई हुयी है बल्कि उनसे सम्पर्क भी है।

दोस्तों मेयर चुनावों की जानकारी दिल्ली के बड़े बड़े नेताओं तक को नहीं है। क्या इसका यह अर्थ है की बीजेपी इस वर्ष दिल्ली नगर निगम मेयर चुनावों को लेकर गभीर नहीं है ? हालांकि बीजेपी के नेता इस बात से इंकार कर रहे है। उनका कहना है की परिणाम चाहे जो हो  बीजेपी देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है वह दिल्ली के इतनी महत्वपूर्ण चुनावों से खुद को दूर कैसे रख सकती है।

लेकिन हमे तो ये लगता है की यह तूफ़ान से पहले  की शांति है  देश में लोकसभाव चुनावों की शुरुआत लगभग हो चुकी है। आने वाले एक वर्ष से भी कम समय में विधान सभा चुनाव भी होने जा रहे है। ऐसे में मेयर जैसे महत्वपूर्ण पद को बीजेपी कैसे छोड़ सकती है। बीजेपी यदि ताल ठोक रही है तो जरूर बीजेपी के पास  कोई ख़ास प्लान है। लोकसभा चुनावों से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को वॉक ओवर कैसे दिया जा सकता है ? खैर आपकी इस पर क्या राय है,,हमे कमेन्ट कर जरूर बताएँ ।

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