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Electoral Bond: BJP के ‘चंदा चोरों’ ने दलित किसान को भी नहीं छोड़ा

Electoral Bond: दोस्तों अब तो ऐसा लगने लगा है इलेक्टरोल बॉन्ड का जो रहस्य है वो कुए जैसा है जिसके अंदर आप जितना जाओगे उतना गहरा होता जाएगा मोदी मित्र का नाम यानि अदानी का नाम तो आपने इलेक्टरोल बॉन्ड लिस्ट में देखा नहीं होगा लेकिन किसने सोचा था अदानी जी बीजेपी को इलेक्टरोल बॉन्ड देने के लिए देश के किसान को ही लूट लेंगे जी हाँ खबर आई है एक दलित किसान ने भाजपा को 10 करोड़ का चुनावी (BJP) चन्दा दिया वो भी उस दलित किसान के परिवार ने जिसकी शायद  ही सारी संपत्ति मिला दी जाए तो 50 लाख भी न हो  फिर कहते है घोटाला नहीं है?इस घोटाले के पीछे की असली कहानी क्या है ये सुनोगे तो आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी

किसान से BJP ने लिया 10 करोड़ का Electoral Bond

गुजरात में कच्छ के रहने वाले एक दलित किसान परिवार के नाम पर अक्टूबर 2023 में 11 करोड़ 14 हजार रुपये के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए। चुनाव आयोग को दिए एसबीआई के  आंकड़ों के अनुसार 6 दिन बाद इसमें से 10 करोड़ रुपये भारतीय जनता पार्टी भाजपा ने भुना लिए। 1 करोड़ 14 हजार का बॉन्ड शिवसेना ने भुनाया।

इस कहानी की शुरुआत होती है अंजार से अंजार गुजरात के कछ जिले का साधारण सा शहर है और यहाँ एक दलित परिवार 6 सदस्यों के साथ रहता है हरेश सावकारा मनवर के बेटे हैं जो परिवार के छह सदस्यों में से एक हैं।2022 अक्टूबर में इस परिवार को एक प्रपोज़ल आता है जिसमे इनकी करीबन 10 एकड़ जमीन को एक वेलस् पन  एंटरप्राइजेज लिमिटेड नामक कंपनी खरीदना चाहती है क्योंकि उन्हे अपनी कंपनी के लिए प्रोजेक्ट जमीन चाहिए थी ट्विस्ट पता है क्या है वेलस् पन जो कंपनी है वो अदानी ग्रुप की जॉइन्ट वेन्चर कंपनी है जी हाँ 2005 में अदानी ग्रुप  ने वेलस्पन नेचुरल रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ अदानी वेलस्पन एक्सप्लोरेशन लिमिटेड नामक वेन्चर साइन किया

सावकारा ने 18 मार्च 2024 को अंजार पुलिस स्टेशन में इस संबंध में एक शिकायत सौंपी। इसमें कंपनी के कई अधिकारियों के ख़िलाफ़ शिकायत दी गई है।द क्विंट की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने अभी तक मामले के संबंध में एफआईआर दर्ज नहीं की है।

अगस्त 2023 में जिला प्रशासन ने  कृषि भूमि कंपनी को 166121877 रुपये में बेचने की मंजूरी दे दी।यानि लगभग 17 करोड़ मे बेचने की बात हुई   ‘इसमें से 28015000 रुपये अग्रिम भुगतान किए गए थे यह पैसा  कानून के अनुसार दिए गए मुआवजे का हिस्सा था। लेकिन जब लेकिन यह पैसा जमा करने की बात हुई तो बड़ी चालाकी से वेलस्पन कंपनी के वरिष्ठ महाप्रबंधक महेंद्रसिंह सोढ़ा ने परिवार को कहा की एक इतनी बड़ी रकम से आयकर विभाग से जुड़ी परेशानी हो सकती है। फिर उन्होंने इलेक्टरोल बॉन्ड स्कीम से introduce  कराया जब इस स्कीम के बारे में बताया तो उस वक्त वहाँ पर  अंजार शहर के  भाजपा अध्यक्ष हेमंत रजनीकांत शाह इन बैठकों मे शामिल थे कहा कि इससे यह होगा कि हमें कुछ वर्षों में 1.5 गुना राशि मिलेगी। उस परिवार के लोग ठहरे अनपढ़ उन्हे क्या पता था इलेक्टरोल बॉन्ड क्या घोटाला है

पीड़ित हरेश सावकारा ने द क्विंट में दिए गए इंटरव्यू मे कहा हम अनपढ़ लोग.. हमें नहीं पता था कि यह योजना क्या थी.. लेकिन उस समय यह बहुत अच्छी लग रही थी।’…….बाक़ी बची रकम 138109877 रुपये खाते में transfer  किए गए दोस्तों सवाल है अडानी ने इलेक्टोरल बॉन्ड से दान क्यों नहीं दिया? और साथ मे ये भी की बॉन्ड खरीदने वाली बेनामी कंपनियां बेनामी चंदे और गायब रिकार्ड के पीछे कौन है ??

Adani Group गरीब का कर रहा शिकार !

दोस्तों जमीन भी हड़प ली और साहब को जबरदस्ती चन्दा दिलवाकर खुस भी कर दिया अदानी ने दोस्तों कैसे अदानी ग्रुप शिक्षा का अभाव होने की वजह से गरीब का इस्तेमाल करता है जानकारी न होने की वजह से गरीब का खून चूसता है और इन सारे खेलों मे बीजेपी खुद इन्वाल्व रहती है किसान का उद्धार करने वाली मोदी सरकार कैसे किसान का इस्तेमाल करती है आपकी इस पर क्या राय है हमे कमेन्ट कर जरूर बताएँ

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